इंडियन प्रीमियर लीग को अक्सर युवाओं के लिए सबसे बड़ा मंच माना जाता है, जहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पहचान और मौका दोनों मिलता है, लेकिन हर कहानी इतनी आसान नहीं होती. भारतीय घरेलू क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया, फिर भी उन्हें आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिल पाया है.
धर्मेंद्रसिंह जडेजा: विकेटों का अंबार, फिर भी नजरअंदाज
धर्मेंद्रसिंह जडेजा सौराष्ट्र के अनुभवी स्पिनर हैं और घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. उनके नाम 500 से ज्यादा विकेट हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 423 और लिस्ट-ए में 121 विकेट लेने के बावजूद आईपीएल में उन्हें कभी मौका नहीं मिला. टी20 में भी उनकी इकॉनमी करीब 7 की रही है, जो इस फॉर्मेट में काफी अच्छी मानी जाती है.
अभिमन्यु ईश्वरन: रन मशीन, लेकिन IPL से दूर
अभिमन्यु ईश्वरनको घरेलू क्रिकेट का भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता है. उन्होंने फर्स्ट क्लास में 8000 से ज्यादा और लिस्ट-ए में 4000 से ज्यादा रन बनाए हैं. टी20 में भी उनका औसत और स्ट्राइक रेट मजबूत है. इसके बावजूद वह अब तक आईपीएल में डेब्यू नहीं कर पाए हैं.
प्रियांक पंचाल: 14 हजार रन, फिर भी इंतजार
प्रियांक पंचाल का नाम भी इस लिस्ट में है. गुजरात के इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में 14 हजार से ज्यादा रन और 37 शतक लगाए हैं. इतने शानदार आंकड़ों के बावजूद उन्हें न तो टीम इंडिया में मौका मिला और न ही आईपीएल में किसी फ्रेंचाइजी ने उन पर दांव लगाया.
चामा मिलिंद: टीम में रहे, लेकिन मौका नहीं मिला
चामा मिलिंद का मामला थोड़ा अलग है. वह आईपीएल की कई टीमों का हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज के नाम टी20 क्रिकेट में 100 से ज्यादा विकेट हैं. यही नहीं उन्होंने 2 बार 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा भी किया है. इस प्रदर्शन के बाद भी उन्हें IPL खेलने का मौका नहीं मिला.
क्यों छूट जाते हैं ऐसे खिलाड़ी?
आईपीएल में चयन सिर्फ आंकड़ों पर नहीं होता. टीम कॉम्बिनेशन, ब्रांड वैल्यू, और युवा खिलाड़ियों पर निवेश जैसे कई फैक्टर भी अहम भूमिका निभाते हैं. यही वजह है कि कई बार लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भी इस लीग से दूर रह जाते हैं.
