ललित मोदी के एक ट्वीट ने एक बार फिर 2008 की ऐतिहासिक IPL नीलामी को चर्चा में ला दिया है. उन्होंने उस दौर के आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि किस तरह आज अरबों की वैल्यू वाली टीमें कभी बेहद कम कीमत पर खरीदी गई थीं.
24 जनवरी 2008: जब शुरू हुआ IPL का सफर
मुंबई के क्रिकेट सेंटर में 24 जनवरी 2008 को दोपहर 12 बजे इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी के लिए बोली लगाई गई थी. इसमें अलग-अलग शहरों के लिए कंपनियों और निवेशकों ने हिस्सा लिया और अपनी-अपनी बोली पेश की. उस समय मुंबई टीम के लिए करीब 111.9 मिलियन डॉलर की सबसे बड़ी बोली लगी थी. वहीं अन्य शहरों जैसे दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद के लिए भी करोड़ों डॉलर में फ्रेंचाइजी खरीदी गईं थी.
डॉलर से रुपये में देखें तो तस्वीर और दिलचस्प
ललित मोदी ने अपने ट्वीट में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि उस दिन 1 डॉलर की कीमत करीब 40 रुपये थी. यानी जो रकम उस समय बड़ी लग रही थी, आज के हिसाब से काफी कम थी. अगर आज की वैल्यू से तुलना करें, तो इन टीमों की कीमत कई गुना बढ़ चुकी है. यही वजह है कि IPL को अब दुनिया की सबसे सफल स्पोर्ट्स लीग्स में गिना जाता है.
10 साल में भुगतान
ट्वीट में यह भी बताया गया कि टीमों की खरीदारी का पैसा एक साथ नहीं दिया गया था. इसे 10 सालों में बराबर हिस्सों में चुकाना पड़ा था. इससे फ्रेंचाइजी मालिकों पर शुरुआती दबाव कम रहा था. यही नहीं, कई टीमों ने पहले ही साल से मुनाफा कमाना शुरू कर दिया था. टिकट बिक्री, स्पॉन्सरशिप और टीवी राइट्स से उनकी कमाई तेजी से बढ़ गई थी.
बड़े नाम, बड़े दांव
इस नीलामी में कई बड़े नाम शामिल थे. मुकेश अंबानी से जुड़ी रिलायंस ग्रुप ने मुंबई की टीम खरीदी, जबकि शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज ने कोलकाता टीम पर दांव लगाया था. वहीं प्रीती जिंटा भी पंजाब टीम की बोली में शामिल रहीं थी. कुछ कंपनियां ऐसी भी थीं, जिन्होंने कई शहरों के लिए बोली लगाई, लेकिन जीत नहीं सकीं.
आज की वैल्यू कई गुना ज्यादा
ललित मोदी के मुताबिक, असली वैल्यू बढ़ोतरी का अंदाजा आज के आंकड़ों से लगाया जा सकता है. हालांकि, सटीक निवेश और मुनाफे के आंकड़े कंपनियों की आधिकारिक फाइलिंग में ही मिलते हैं, लेकिन इतना साफ है कि यह निवेश समय के साथ बेहद फायदेमंद साबित हुआ.
2026 में रिकॉर्ड तोड़ डील्स ने बदली तस्वीर
मार्च 2026 में IPL की वैल्यूएशन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया. हाल ही में RCB टीम करीब 1.78 बिलियन डॉलर (16,706 करोड़ रुपये) में बेची गई, जबकि RR की कीमत 1.63 बिलियन डॉलर (15,286 करोड़ रुपये) रही. इन सौदों ने दिखा दिया कि IPL अब सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक बेहद बड़ा ग्लोबल बिजनेस बन चुका है.
